➤ आरएस बाली ने वीरभद्र सिंह को बताया युगपुरुष, कहा- उनका योगदान पीढ़ियां याद रखेंगी
➤ अग्निहोत्री बोले- करीब पांच दशक तक प्रदेशवासियों के दिलों पर राज किया, आधुनिक हिमाचल के निर्माता थे
➤ अष्टमी पर जन्मस्थली सराहन में प्रतिमा का अनावरण, रामपुर में 250 करोड़ की सड़क परियोजनाओं की जानकारी
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह की जन्मस्थली सराहन में रविवार को उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया। मां भीमाकाली की पावन धरती पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के कई प्रमुख नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने वीरभद्र सिंह को युगपुरुष बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन प्रदेश की सेवा और विकास के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया और बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं तथा बच्चों की समस्याओं को अपनी समस्या समझकर उनके समाधान की दिशा में काम किया।
आरएस बाली ने कहा कि वीरभद्र सिंह की जनसेवा की भावना और विकास की विरासत को आगे बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उनके योगदान को हिमाचल प्रदेश की आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी।
बता दें कि आरएस बाली सपरिवार सराहन पहुंचे और मां भीमाकाली की पावन धरती पर स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण समारोह में शामिल होकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के विकास और जनसेवा में वीरभद्र सिंह के अतुलनीय योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास और जनमानस में वीरभद्र सिंह का स्थान अत्यंत विशिष्ट और अमर है। छह बार मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने प्रदेश के विकास और जनसेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
आरएस बाली ने कहा कि अष्टमी के इस पावन अवसर पर सराहन में वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण पूरे हिमाचल प्रदेश और उनके लाखों चाहने वालों के लिए भावुक, ऐतिहासिक और गौरवमयी क्षण है। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह का हिमाचल के विकास, जनसेवा और जनमानस से जुड़ाव सदैव अविस्मरणीय रहेगा तथा उनके आदर्श और जनसेवा की विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

अग्निहोत्री बोले- करीब पांच दशक तक दिलों पर किया राज
प्रतिमा के अनावरण के अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने वीरभद्र सिंह के राजनीतिक जीवन और हिमाचल प्रदेश के विकास में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने केवल प्रदेश की राजनीति को ही दिशा नहीं दी, बल्कि करीब पांच दशकों तक प्रदेशवासियों के दिलों पर भी राज किया।

मुकेश अग्निहोत्री ने उन्हें दूरदर्शी राजनेता और आधुनिक हिमाचल प्रदेश का निर्माता बताया। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में वीरभद्र सिंह के मार्गदर्शन को भी याद किया और कहा कि उन्हें उनके मंत्रिमंडल में काम करने का अवसर मिला, जिसे वह अपना सौभाग्य मानते हैं।
उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने उन्हें राजनीति में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाया। वह स्वयं को वीरभद्र सिंह की राजनीतिक पाठशाला का विद्यार्थी मानते हैं। उनके मार्गदर्शन से उन्हें जनसेवा की प्रेरणा मिली और वह पिछले 25 वर्षों से लगातार विधायक के रूप में जनता की सेवा कर रहे हैं।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में अनेक विधायकों, सांसदों और नेताओं को तैयार किया। उनके नेतृत्व में राजनीति की बारीकियां सीखने वाले कई जनप्रतिनिधियों ने आगे चलकर प्रदेश के विकास में योगदान दिया।
रामपुर और रोहड़ू से आगे पूरे हिमाचल में रहा प्रभाव
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वीरभद्र सिंह की स्वीकार्यता केवल रामपुर और रोहड़ू तक सीमित नहीं थी। ऊना, कांगड़ा, हमीरपुर, कुल्लू, आनी, पांगी, भरमौर और लाहौल-स्पीति सहित प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में भी उनका प्रभाव और लोगों के साथ आत्मीय जुड़ाव रहा।

उन्होंने हिमाचल प्रदेश के इतिहास में डॉ. वाईएस परमार और वीरभद्र सिंह के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, डॉ. परमार ने हिमाचल प्रदेश के निर्माण में अहम भूमिका निभाई, जबकि वीरभद्र सिंह ने प्रदेश को आधुनिक स्वरूप देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से वीरभद्र सिंह ने प्रदेश के विकास को नई दिशा दी। गरीबों, कमजोर वर्गों और जरूरतमंद लोगों तक विकास का लाभ पहुंचाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल था।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार वीरभद्र सिंह की विरासत का सम्मान करती है। शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर उनकी आदमकद प्रतिमा की स्थापना को भी उन्होंने उनके प्रति सम्मान का प्रतीक बताया।

विक्रमादित्य बोले- पूरा हिमाचल था वीरभद्र सिंह की कर्मस्थली
लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वीरभद्र सिंह को किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं किया जा सकता। पूरा हिमाचल प्रदेश उनकी कर्मस्थली रहा।
उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह मां भीमाकाली को अपनी आराध्य शक्ति मानते थे और अपने राजनीतिक जीवन के उतार-चढ़ाव के बीच भी उनका आशीर्वाद लेने सराहन आते रहे। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मां भीमाकाली के प्रांगण में वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण सामूहिक भावना का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि अष्टमी का दिन इस आयोजन के लिए विशेष महत्व रखता है। मुख्यमंत्री रहते हुए भी वीरभद्र सिंह प्रदेश के किसी भी हिस्से में होते, अष्टमी के दिन मां भीमाकाली का आशीर्वाद लेने सराहन जरूर आते थे।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वीरभद्र सिंह छह बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और उनके नेतृत्व में प्रदेश के विकास की मजबूत नींव रखी गई। उनकी सोच को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र का विकास करना सभी की जिम्मेदारी है।

रामपुर में 250 करोड़ की सड़क परियोजनाओं का काम
विक्रमादित्य सिंह ने रामपुर विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों के उन्नयन का काम चल रहा है।
उन्होंने बताया कि झाकड़ी के ब्रॉनी खड्ड पर पुल निर्माण के लिए 127 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कें और पुल ग्रामीण क्षेत्रों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रदेश के हितों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर केंद्र सरकार के समक्ष रखना और विकास कार्यों को आगे बढ़ाना उनकी जिम्मेदारी है।
रोहित ठाकुर ने बताया विकास को नई दिशा देने वाला नेता
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में जनकल्याणकारी नीतियों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के विकास को नई दिशा दी। उन्होंने प्रदेश के विकास में डॉ. वाईएस परमार, ठाकुर रामलाल और वीरभद्र सिंह जैसे नेताओं के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
रोहित ठाकुर ने वर्ष 2003 का उल्लेख करते हुए कहा कि जब वह और मुकेश अग्निहोत्री पहली बार विधायक बने थे, उस समय वीरभद्र सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। उन्होंने वीरभद्र सिंह के विचार ‘सर्वत्र हिमाचल, सर्वत्र विकास’ को याद करते हुए कहा कि विकास का लाभ प्रदेश के हर क्षेत्र तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महान नेताओं के विचारों और आदर्शों को आगे बढ़ाना समाज का नैतिक दायित्व है। कार्यक्रम के दौरान सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया गया।
सराहन में वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण उनके लंबे राजनीतिक जीवन, जनसेवा और हिमाचल के विकास में उनके योगदान को याद करने का अवसर बना। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने उनके राजनीतिक मार्गदर्शन, प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से उनके जुड़ाव और विकास की सोच को याद करते हुए उनकी विरासत को आगे बढ़ाने की बात कही।



